क्या बिहार एक बार फिर भारतीय लोकतंत्र को मज़बूत कर सकता है?

खोज बिहार से, जवाब लोकतंत्र के

3ज़िलों में संवाद
12k+नागरिकों की आवाज़ें
6सहयोगी विश्वविद्यालय
बिहार लोकतंत्र संवाद में लोकवार्ता के प्रतिभागी और वक्ता
खोज बिहार से, जवाब लोकतंत्र के

बिहार ही क्यों?

वैशाली की सभाओं से नालंदा के प्रांगण तक, बिहार

वैशाली का ऐतिहासिक अशोक स्तंभ

सामूहिक निर्णय-निर्माण

वैशाली

नालंदा और विक्रमशिला का प्रतिनिधित्व करते प्राचीन विश्वविद्यालय के अवशेष

संवाद से सीखना

नालंदा और विक्रमशिला

चंपारण का ऐतिहासिक दृश्य

जीवन-अनुभवों को सुनना

चंपारण

जेपी आंदोलन के दौरान नागरिकों के बीच जयप्रकाश नारायण

भागीदारी और जवाबदेही

जेपी आंदोलन

हम क्या कर रहे हैं

छह तरीकों से यह खोज आगे बढ़ रही है

ज़िला संवाद

बिहार के सभी ज़िलों में खुली बातचीत—पंचायतों से लेकर शहर के वार्डों तक लोकतंत्र के प्रत्यक्ष अनुभवों को सुनना और संजोना।

3ज़िले
10+आयोजित सत्र

विशेषज्ञ संवाद

विद्वानों, इतिहासकारों और अनुभवी लोगों के साथ सुव्यवस्थित चर्चाएँ।

युवा और परिसर सहभागिता

जागरूक युवा नागरिकों के निर्माण के लिए कार्यशालाएँ और वाद-विवाद।

शोध और दस्तावेज़ीकरण

स्वतंत्र शोध और निष्कर्षों का सार्वजनिक संग्रह।

सार्वजनिक कार्यक्रम

सभी इच्छुक लोगों के लिए खुले टाउन हॉल और सभाएँ।

राष्ट्रीय निष्कर्ष

सुनी गई बातों को समेटती एक प्रकाशित रिपोर्ट, सभी के लिए।

झलकियाँ

ज़िलों, परिसरों और सभागारों से

आगामी कार्यक्रम

अगले दौर की बातचीत में हिस्सा लें

ज़िला संवाद: दरभंगा

दरभंगासुबह 11:00 – दोपहर 2:30

पंजीकरण

ज़िला संवाद: मुज़फ़्फ़रपुर

मुज़फ़्फ़रपुरसुबह 11:00 – दोपहर 2:30

पंजीकरण

ज़िला संवाद: पटना

पटनासुबह 11:00 – दोपहर 2:30

पंजीकरण